जानकारी के अनुसार आदर्श नगर निवासी प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता कथा स्थल पर मौजूद थीं और श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें परिसर में एक सोने का चेन मिला। सामान्यत: ऐसी स्थिति में लोग चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन इन दोनों महिलाओं ने लालच से ऊपर उठकर ईमानदारी का रास्ता चुना और चेन को उसके असली मालिक तक पहुंचाने का निश्चय किया। दोनों महिलाओं ने इस संबंध में कुसमुंडा क्षेत्र के पत्रकार ओम गवेल से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की। अगले दिन उन्होंने स्वयं कथा स्थल पहुंचकर चेन लौटाने का प्रयास भी किया, लेकिन अत्यधिक भीड़ और व्यवस्थागत कारणों से वे कथा पंडाल तक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद पत्रकार ओम गवेल ने सक्रियता और जिम्मेदारी दिखाते हुए आयोजन समिति से संपर्क स्थापित किया और चेन को सुरक्षित रूप से समिति के सुपुर्द कर दिया।