मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6.140 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इसके साथ ही गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा वाहन भी जब्त की गई है। जब्त किए गए गांजा और वाहन की कुल कीमत लगभग 3 लाख 57 हजार रुपये आंकी गई है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट रायपुर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (्रहृञ्जस्न) और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को 7 मार्च को सूचना मिली थी कि एक एक्टिवा में सवार महिला और एक युवक बैग में गांजा रखकर आरंग से रायपुर की ओर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने तेलीबांधा क्षेत्र में किया कार शोरूम के सामने आरंग-रायपुर रिंग रोड पर नाकेबंदी कर दी।
कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए वाली एक्टिवा वहां पहुंची। पुलिस को देखकर वाहन चालक ने तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर घेराबंदी करते हुए दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम माधुरी जैन उर्फ डॉली और युवक ने कृष्ण साहू बताया। जब उनके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में गांजा मिला।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6.140 किलोग्राम गांजा और एक्टिवा वाहन जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 110/26 के तहत धारा 20बी नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी माधुरी जैन उर्फ डॉली (37 वर्ष) सन्यासी पारा पानी टंकी के पास थाना खमतराई की रहने वाली है, जबकि कृष्ण साहू (18 वर्ष) सन्यासी पारा नगर निगम के पास थाना खमतराई का निवासी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है, ताकि गांजा तस्करी में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने गांजा के 17 मामलों में 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 191.142 किलोग्राम गांजा, 2 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद, दो चारपहिया वाहन, एक दोपहिया वाहन और 9 मोबाइल फोन समेत करीब 1 करोड़ 8 लाख 74 हजार 900 रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।





