जानकारी के मुताबिक, विश्वरंजन को हृदय संबंधी समस्या के चलते पिछले महीने पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार रात अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे हैं। वर्ष 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के असामयिक निधन के बाद उस समय की रमन सिंह सरकार ने उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान सौंपी थी। उन्होंने करीब चार वर्षों तक डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी निभाई अहम जिम्मेदारी
1973 बैच के आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन को छत्तीसगढ़ सरकार ने डेपुटेशन से वापस बुलाकर जुलाई 2007 में डीजीपी नियुक्त किया था। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था, हालांकि इससे पहले वे कभी छत्तीसगढ़ में पदस्थ नहीं रहे थे। वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में प्रतिनियुक्ति पर रहे और वहां एडिशनल डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी कार्य किया। उनके निधन से पुलिस सेवा में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।