कोरबा। सड़क सुरक्षा जागरूकता माह संपन्न होने के बाद सभी चीजें बंद हो गई है, यह नहीं सोचना चाहिए। नियम पालन के साथ-साथ नियम तोडने के मामले में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई जारी है। उसने ब्लैक फिल्मों को हटवाने का अभियान शुरू किया। इसके जरिए उन लोगों का घमंड तोड़ा जा रहा है जो इसके जरिए यह दिखाने की चेष्टा कर रहे थे कि वे कार्रवाई से बचे रहेंगे।
लाखों की गाडियों में अवैध रूप से ब्लैक फिल्म लगाने को लेकर कुछ लोगों को बराबर भ्रम बना रहा कि इस पर कुछ हो ही नहीं सकता। कोरबा जिले और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित ऐसी गाडियों को अब विभिन्न प्वाइंट पर निगरानी में रखा जा रहा है। अफसरों के निर्देश पर मैदानी अमले ने कार्रवाई तेज की। स्थानीय स्टाफ ने शुक्रवार को ऐसी अनेक गाडियों को रूकवाया और बिना किसी मुरौव्वत के उनमें लगी ब्लैक फिल्मों को हटा दिया। हालांकि इस दौरान वाहन चालकों ने धमक दिखाने की कोशिश की लेकिन एक नहीं चली।
पुलिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा को लेकर जो गाइड लाइन जारी किए हैं उसे तो मानना ही पड़ेगा। गाडियों में अगर ब्लैक फिल्में लगाई गई है तो यह उदासीनता व उपेक्षा है। ऐसे प्रकरणों में फिल्म हटेगी भी और पेनाल्टी भी होगी। पुलिस ने कहा कि यह अभियान कोई खास दिन का नहीं है बल्कि इसे लगातार चलाया जाएगा। इससे पहले अवैध पार्किंग पर पुलिस ने सैकड़ों वाहनों में लॉक की कार्रवाई के साथ पेनाल्टी की। मनमानी करने के साथ-साथ शराब के नशे में वाहन चलाने से संबंधित प्रकरणों में 185 की कार्रवाई की जा रही है और ऐसे हर प्रकरण में कोर्ट से पेनाल्टी का विधान है।





