रिपोर्ट@अजय यादव
कोरबा@लेमरू। सरपंच की तालिबानी एलान से ग्रामीण परेशान नजर आ रहे है। उक्त वाक्या कोरबा जिले के लेमरू ग्राम पंचायत के अंतगर्त कांटाद्वारी के बावन खरका बस्ती की है। यहां के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे है। बावन खरका बस्ती में करीब 70-80 जनसंख्या है जो एक ही हैंण्डपंप के भरोसे है। एक हैंण्डपंप होने की वजह से पानी की पूर्ति ग्रामीणों के बीच नहीं हो पा रहा है। जिसकी शिकायत बावन खरका के ग्रामीण सरपंच के पास भी किए मगर भीषण गर्मी में भी पानी नहीं मिल पाया।
सरपंच की तालिबानी एलान
सरंपच आनंद राम से जब ग्रामीण पानी की समस्या लेकर गए तो उन्हें साफ कह दिया की मै पानी नहीं दुंगा क्योंकि जंगल क्षेत्र है। वहीं दुसरी तरफ ग्रामीणो का कहना है कि यहीं सरपंच वोट लेने के लिए गांव तक आया तब उसे जंगल क्षेत्र नहीं लगा। सरंपच की दबंगाई उस वक्त आप जानेगें जब हकीकत बावन खरका किस जगह है। आपको बता दे कि लेमरू से बड़गांव जाने वाले मुख्य मार्ग से लगा हुआ है बावन खरका लेकिन इसके बावजूद भी यहां के ग्रामीणों को पानी की समस्या से जुझना पड़ रहा है।
नल-जल योजना भी ठंडे बस्ते में
लेमरू सरपंच आनंदराम के अडियल रवैये के कारण लेमरू पंचायत के करीब 15 गांव में नल-जल योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। जैसे डेवाभांटा, कांटाद्वारी, अरेतरा, केउबहार, बड़गांव, कुटरूवा, देवपहरी, डीडासराई, कनसरा, जताडांड, हल्दीमौहा, नकिया, विमलता, रपता और अरसेना है। इन गांवों में नल की टोटी तो लगाई जा चुकी है पर पाइप लाइन बिछा ही नहीं है इसकी की भी शिकायत ग्रामीणों ने सरपंच से किये पर ग्रामीणों को इस समस्या से भी निजात नहीं मिला।
